Friday, 21 June 2013

आज सांसे टूट जाये

आज सांसे टूट जाये सोचते हैं हर
अरमान छुट जाये सोचये हैं
बार बार हमने दिल को मनाया
आज खुद रूठ जाये सोचते हैं
आज सांसे टूट जाये सोचते हैं

एक अरसा बीत गया वक़्त का इंतज़ार करते करते
आज वक़्त को इंतज़ार कराये सोचते हैं
आज सांसे टूट जाये सोचते hain

हर बार हमने अपनों को आवाज़ दी
आज कोई हमें बुलाये सोचते हैं
आज सांसे टूट जाये सोचते हैं